Bihar Current Affairs (August 1-7)

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Weekly Bihar Current Affairs (August 2019, First Week)

👉🏻Weekly Bihar Current Affairs (July 2019, Fourth Week)

  • जल जीवन-हरियाली अभियान: नौ अगस्त को पृथ्वी दिवस के अवसर पर पूरे बिहार राज्य में जल जीवन-हरियाली के नाम से विशेष अभियान की शुरुआत की जायेगी।  इस अवधि में जल, हरियाली, पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा संवर्धन से संबंधित कार्यों को किया जाना है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पौधा लगाने एवं जल संरक्षण के लिए जागरूक किया जायेगा। प्रत्येक स्वयं सहायता समूह के द्वारा कम से दो वृक्ष एवं एवं प्रत्येक स्वयं सहायता समूह की दीदी के द्वारा एक वृक्ष लगाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए उसे पूर्ण करवाने का दृढ़ संकल्प लिया गया।जल जीवन – हरियाली अभियान की शुरुआत राज्य में नौ अगस्त को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उद‍्बोधन से किया जायेगा. इसका सीधा प्रसारण पूरे राज्य में किया जायेगा।
  • पांच जिलों में पायलट प्रोजेक्ट में चलेगा रूफ टॉप गार्डेन: वन महोत्सव के उद्घाटन के मौके पर कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि पांच जिलों पटना, गया, नालंदा, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में रूफ टॉप गार्डेन योजना शुरू की जा रही है। इन जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू होगा। इन जिलों में जमीन की कमी होने पर छत पर गार्डेनिंग की सुविधा विकसित करने के लिए सरकार अनुदान देगी। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव के दौरान कृषि विभाग के सभी कर्मी 10-10 पौधे लगायेंगे। गांव का पानी गांव में, घर का पानी घर में और खेत का पानी खेत में- इस सिद्धांत पर जल संरक्षण का काम विभाग कर रही है।
  • गार्बेज परियोजना / छह शहर होंगे पूरी तरह कचरा मुक्त, लागू होगा कचरा प्रबंधन का माॅडल: राज्य के छह शहर पूरी तरह कचरा मुक्त होंगे। राज्य सरकार ने इन सभी शहरों के लिए जीरो गार्बेज परियोजना तैयार की है। पहले चरण में इस परियोजना को तीन बड़े और तीन छोटे शहरों में लागू की जा रही है। बड़े शहरों में मुजफ्फरपुर, मुंगेर, बिहारशरीफ और छोटे शहरों में सुपौल, बोधगया तथा राजगीर शामिल हैं।

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने राज्य सरकार पहले चरण में छह शहरों में कचरा प्रबंधन का माडल लागू करने का आदेश दिया है। इसी निर्देश के बाद राज्य सरकार ने छह शहरों का चयन किया है। इन शहरों के सफल माॅडल को राज्य के बाकी नगर निकायों में लागू किया जाएगा।

डोर टू डोर कचरा का उठाव और परिवहन गीला कचरा के निष्पादन के लिए कम्पोस्ट पीट और सूखे कचरा के लिए एमआरएफ का होगा निर्माण। सरकारी जमीन की अनुपलब्धता की स्थिति में कचरा प्रसंस्करण के लिए निजी जमीन की व्यवस्था करना। सेनिटरी लैंडफील के लिए सरकारी जमीन की अनुपलब्धता की स्थिति में निजी जमीन का अधिग्रहण।

  • बिहार में श्रम बल में 4.6% घटी महिलाओं की हिस्सेदारी: बिहार में श्रम बल में महिलाओं की हिस्सेदारी में कमी आयी है. 2011-12 में प्रदेश के कुल  रोजगार में महिलाओं की नौ फीसदी हिस्सेदारी थी, जो अब  घट कर 4.4 % रह गयी है। यह  निष्कर्ष  राष्ट्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन   विभाग की तरफ से  आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के  आधार पर जारी आंकड़ों से निकले हैं. यह सर्वे जुलाई, 2017 से जून,  2018 के बीच किया गया था. भारत सरकार ने यह रिपोर्ट  मई, 2019 में  स्वीकार की थी, जो पिछले माह सार्वजनिक हुई है। Read More: https://www.prabhatkhabar.com/news/patna/bihar-labor-force-decreased-by-6-4-share-of-women-know-the-reason/1314222.html
  • बिहार में हर साल 20% बढ़ रही विदेशी पर्यटकों की संख्या: बिहार में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में हर साल 20 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। गया, बोधगया व नालंदा में सबसे अधिक विदेशी पर्यटक हर वर्ष पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के लिए पटना, गया और नालंदा में फाइव स्टार होटल बनाया जा रहा है। बोधगया को केंद्र सरकार ने आइकोनिक डेस्टीनेशन के रूप में चयनित किया है।
  • बिहार में गरीबों की जमीन रजिस्ट्री सिर्फ 100 रुपये में होगी: राज्य में बिना जमीन-मकान वाले परिवारों को अब अपनी जमीन की रजिस्ट्री के लिए सिर्फ सौ रुपये खर्च करने होंगे। सरकार की ‘वास स्थल क्रय सहायता योजना’ के तहत सरकारी सहायता से खरीदी जाने वाली भूमि के लिए यह सुविधा मिलेगी।
  • कोर्ट रैंकिंग में झारखंड सबसे नीचे, बिहार नीचे से तीसरा नंबर पर: ‘द नेशनल कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम कमेटी’ की रिपोर्ट, दिल्ली हाइकोर्ट देश में अव्वल।
  • पूर्णिया में खुलेगा एक और फ्रोजेन सीमेन स्टेशन (Frozen Semen Station): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में मरंगा स्थित फ्रोजेन सीमेन स्टेशन मील का पत्थर साबित होगा। इससे न सिर्फ दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी बल्कि किसान और पशुपालकों की देशी नस्ल की गाय की गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी होगी। यह देश का सबसे बड़ा फ्रोजेन सीमेन स्टेशन है। इसमें 200 अच्छे नस्ल के साड़ को रखा जाएगा। उससे हर साल 50 लाख यूनिट सीमेन का उत्पादन होगा।पटना के सीमेन स्टेशन में अभी तीन लाख सीमेन डोज तैयार होता है। जबकि मरंगा सेंटर से 50 लाख सीमेन डोज का सलाना उत्पादन होगा। इससे दूध उत्पादन में भी काफी मदद मिलेगी।  Read More : http://pib.nic.in/newsite/PrintRelease.aspx?relid=179240

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