Bihar Current Affairs (July 22-31)

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Weekly Bihar Current Affairs (July 2019, Fourth Week)

👉🏻Weekly Bihar Current Affairs (July 2019, Third Week)

  • पटना IIT में बनेगा भूकंप इंजीनियरिंग शोध केंद्र: 710 करोड़ की लागत से 1200 वर्गमीटर क्षेत्र में इसका निर्माण होगा, इसमें निर्माण सामग्री के नमूने का परीक्षण भी किया जा सकेगा।सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) के तहत भवन निर्माण के लिए 7.10 करोड़ रुपये राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने अपने विकास निधि से उपलब्ध कराए हैं। राजधानी सहित राज्य के 15 जिले सिसमिक जोन चार में आते हैं। आठ जिले सिसमिक पांच जोन में हैं। शेष 15 जिले जोन तीन में आते हैं।

  • सीएम ग्राम परिवहन योजना में शामिल होंगे इलेक्ट्रिक वाहन: डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि वायु प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से मुकाबला करने में इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका खास है. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत भी इसे प्रोत्साहित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल में इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर पर पहले 18 से घटाकर 12 प्रतिशत टैक्स करने का प्रस्ताव था, लेकिन बिहार की पहल पर चार्जर पर भी पांच प्रतिशत कर (Tax) लगाने का निर्णय लिया गया।
  • उद्यमी पंचायत / बिहार में उद्योग लगाएं निवेशक, नीति में बदलाव के लिए भी सरकार तैयार: उद्यमी पंचायत की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी निवेशक बिहार में उद्योग लगाने आएंगे, उनको हम सुविधा मुहैया कराने के साथ सम्मानित भी करेंगे। अगर कोई प्रस्ताव आता है तो निवेश बढ़ाने के लिए हम औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति में भी संशोधन करने को तैयार हैं। आईटी क्षेत्र के लिए मल्टीस्टोरेज बिल्डिंग बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2016 (Bihar Industrial Investment Promotion Policy, 2016) की मध्यावधि समीक्षा में पता चला है कि अब तक 14,855 करोड़ रुपए का ही निवेश (investment) प्रस्तावित है।
  • विधानमंडल में पारित हुआ बिहार विद्यालय परीक्षा समिति विधेयक 2019, परीक्षाओं के लिए होगा अलग-अलग विंग: इसके अनुसार बोर्ड 7 विंग में बंटा है। इसके अध्यक्ष व उपाध्यक्ष आईएएस होंगे। इसे मैट्रिक, इंटर के अलावा कई और परीक्षाएं कराने का जिम्मा मिला है।
  • बिहार तकनीकी सेवा आयोग की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां आयोग के अध्यक्ष के पास होंगी।
  • 2022 तक तैयार होगा मोकामा में बन रहा डबल ट्रैक रेल पुल: उत्तर बिहार को पटना, झारखंड और बंगाल से जोड़ने के लिए एकमात्र रेल पुल राजेंद्र सेतु है।मोकामा स्थित राजेन्द्र पुल के समानांतर नए डबल ट्रैक रेल पुल का निर्माण किया जा रहा है।पुराने पुल से 60 मीटर की दूरी पर बन रहा रामपुर डुमरा टाल बिहार का पहला डबल रेल ट्रैक पुल होगा। इस पुल की अप्रोच लाइन सहित कुल लंबाई 14 km होगी।
  • बर्द्धमान रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर होगा बटुकेश्वर दत्त: केंद्र सरकार ने बर्द्धमान रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बंगाल के महान क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त के नाम पर करने का फैसला किया है।
  • पटना जंक्शन से आस्था सर्किट स्पेशल ट्रेन दक्षिण भारत के लिए हुई रवाना: पटना जंक्शन से यह जहानाबाद, गया, कोडरमा, गोमो, चंद्रपुरा, बोकारो, हटिया एवं झारसुगोड़ा होते हुए तिरुपति, मदुरई, रामेश्वरम और कन्याकुमारी जाएगी. दक्षिण भारत के सभी प्रमुख शहरों के प्रमुख मंदिरों व स्थानों का दर्शन कराया जाएगा.
  • सीएम ग्राम परिवहन योजना में शामिल होंगे इलेक्ट्रिक वाहन: डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि वायु प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग से मुकाबला करने में इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका खास है. इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत भी इसे प्रोत्साहित करने जा रही है. साथ ही राज्य सरकार ने छह और नये इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है.
    मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना बिहार (Mukhyamantri Gram Parivahan Yojana – MMGPY) के द्वारा योग्य लाभार्थियों को तीन या चार पहिये का वाहन खरीदने पर 50% की सब्सिडी या अधिकतम 1 लाख रूपये जो भी कम हो वो राशि प्रदान की जायेगी। यह योजना राज्य के 8,405 ग्राम पंचायतों में चलाई जाएगी। वित्तीय वर्ष 2019-20 (Financial Year 2019-20) में राज्य सरकार द्वारा 42,000 नव युवकों को इस योजना (Vehicle Subsidy Scheme) का लाभ प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है और साथ ही इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष में 421 करोड़ रूपये की व्यवस्था भी की गई है।
  •  बिहार के 40 वें राज्यपाल के रूप में फागू चौहान ने शपथ ली। चीफ जस्टिस ए पी शाही ने नवनियुक्त राज्यपाल फागू चौहान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई
  • राज्य के 27 जिलों के केवीके में होगी जैविक खेती (Organic farming): राज्य के कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) में जैविक खेती होगी। इसके लिए राज्य के 27 जिलों के KVK का चयन किया गया है। सरकारी खर्चे पर होने वाली इस खेती के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था सरकार करेगी।: हर KVK को बीस हेक्टेयर जमीन का एक कलस्टर बनाना होगा।
    : कलस्टर में शामिल जमीन मालिकों को तीन साल तक एक ही फसल की जैविक खेती करनी होगी, वह भी केवीके के वैज्ञानिकों की देखरेख में। उसके बाद केवीके उनके प्रमाणीकरण की भी व्यवस्था करेंगे।
    : केन्द्र सरकार ने परम्परागत कृषि योजना (Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY)) के तहत जैविक खेती (organic farming) को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की है।
    : चयनित केवीके में सबसे अधिक 15 बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के नियंत्रण में काम करने वाले हैं। सात केवीके राजेन्द्र केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के आधीन हैं। बक्सर केवीके भारतीय कृषि अनुसंधान केन्द्र के अधीन तो भोजपुर राज्य सरकार के अधीन हैं।
    : योजना के तहत खेती के लिए फसलों का चयन जिले की मिट्टी और मांग के अनुसार किया जाएगा, लेकिन सब्जी, फल और औषधीय पौधों की खेती को प्राथमिकता दी जाएगी।
    : अनाज की खेती इस योजना में नहीं होगी।
    : हर केवीके को 16 हजार पांच सौ रुपये एक साल के लिए दिये गये हैं। इनमें 12 हजार पांच सौ किसानों को दिया जाएगा। इस पैसे से किसान जैविक खेती में उपयोग के लिए बीज, खाद, कीटनाशी आदि की खरीद करेंगे। शेष पैसे केवीके उत्पादों की ब्रांडिंग पैकेजिंग और खेत के प्रमाणीकरण (सर्टिफिकेशन) पर खर्च करेंगे।
    : खेती के लिए किसानों का चयन केवीके को ही करना है। इसमें ध्यान रखना होगा कि सभी किसानों को मिलाकर बीस हेक्टेयर जमीन हो और सभी प्लॉट आपस में जुड़े हों।
  •  पर्यावरण संरक्षण को धनबाद व राजेंद्रनगर बने माॅडल स्टेशन:
    पूर्व मध्य रेल के दाे स्टेशनाें राजेंद्रनगर टर्मिनल अाैर धनबाद काे माॅडल स्टेशन का दर्जा मिला है।
    नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एजीटी) ने रेलवे को पहले चरण में 37 बड़े स्टेशनों अाैर दूसरे चरण में 720 स्टेशनों को विकसित करने के लिए कहा था।
    प्रथम चरण में पूर्व मध्य रेल के इन दो स्टेशनों ने यह उपलब्धि हासिल कर ली है। पुरस्कार स्वरूप दाेनाें स्टेशनाें काे 14,001 रुपए अाैर सर्टिफिकेट एनजीटी ने दिया। दूसरे चरण में पूर्व मध्य रेल के 50 स्टेशनों को शामिल किया गया है।
  • बिहार के वाल्मीकिनगर व्याघ्र अभयारण्य में बाघों की संख्या बढ़ी:बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर व्याघ्र अभयारण्य में बाघों की संख्या बढ़ी है। पहले यहां 28 बाघ थे जो अब बढ़कर 31 हो गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर सोमवार को जारी की गई बाघों की गणना में वाल्मीकिनगर व्याघ्र अभयारण्य में बाघों की संख्या में वृद्धि बताई गई है। वर्ष 2010 में यहां बाघों की संख्या मात्र 8 थी, वहीं वर्ष 2014 में यह संख्या बढ़कर 28 हुई और वर्ष 2018 में यह संख्या बढ़कर 31 हो गई।

    बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने संजय गांधी जैविक उद्यान में ‘विश्व बाघ दिवस’ पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘वाल्मीकि व्याघ्र अभयारण्य (वीटीआर) में जहां वर्ष 2010 में बाघों की संख्या मात्र आठ तथा 2014 में 28 थी, वहीं 2018 में 31 और पूरे देश में 2967 हो गई है।’

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