Bihar Current Affairs (July 8-14)

Weekly Bihar Current Affairs (July 2019, Second Week)

👉🏻Weekly Bihar Current Affairs (July 2019, first week)

  • बिहार सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा से मुक्त हुआ: सिर पर मैला ढोने की प्रथा बिहार से समाप्त हो गई है। हालांकि यह ढाई दशक बाद संभव हो पाया है। इससे संबंधित कानून ‘सिर पर मैला ढोने वालों को रोजगार और शुष्क शौचालयों के निर्माण (निषेध) अधिनियम, 1993’ देश में 26 साल पहले लागू हुआ था।बिहार राज्य महादलित विकास मिशन ने राज्य सरकार को सौंपी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि बिहार में अब कहीं भी कोई manual scavenger   (सिर पर मैला ढोने वाले) नहीं हैं।
  • आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19  में खुलासा, 20 सालों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ेगी बिहार की आबादी: एक आकलन के अनुसार 2041 में बिहार की आबादी में सबसे ज्यादा 24.7 फीसदी की वृद्धि होगी। तब बिहार महाराष्ट्र को पीछे छोड़ आबादी के लिहाज से उत्तर प्रदेश के बाद देश का दूसरा बड़ा राज्य बन जाएगा। जबकि अभी उसका नंबर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरा है।
  • बिहार में पहली बार पेड़ाें का होगा ट्रांसप्लांटेशन: पटना-दीघा सड़क के किनारे माैजूद वृक्षों को काटा नहीं जाएगा। अब इन वृक्षों का ट्रांसप्लांट किया जाएगा। यानी पेड़ को उसकी वर्तमान जगह से निकालकर दूसरी जगह रोपा जाएगा। ताकि पेड़ सूखे नहीं और उसकी हरियाली बरकरार रहे। बिहार में पहली बार प्रयोग के तौर पर पटना-दीघा 6.3 किमी लंबी सड़क पर ये कार्य शुरू भी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही दीघा से जेपी सेतु और दीदारगंज तक की सड़क के किनारे 200 वृक्षों को लगाने की योजना है।पेड़ों के फैलाव को देखते हुए 10-10 मीटर की दूरी पर एक वृक्ष लगाने की योजना है। इसके लिए बीएसआरडीसी हैदराबाद के एक कंपनी से बातचीत कर रहा है।
  • 15 अगस्त 2020 तक हर घर नल का जल का काम होगा पूरा : सीएम नीतीश कुमार ने बताया कि सात निश्चय के तहत हर घर नल का जल योजना का काम 15 अगस्त, 2020 के पहले पूरा कर लिया जायेगा।
  • बेली रोड अब नेहरू पथ: मुख्यमंत्री ने बताया कि पटना में बेली रोड नहीं, जवाहर लाल नेहरू पथ है. लोगों को पथों का नाम सरलता से याद रखने के लिए सभी पथों के नाम दो शब्दों पर करने का निर्देश उन्होंने पदाधिकारियों को दिया है. उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरू पथ का नाम अब सिर्फ नेहरू पथ होगा।
  • चमकी-बुखार से प्रभावित प्रखंडों में 300 लोगों का बना गोल्डन कार्ड: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत रविवार काे सीएससी वसुधा केंद्र (CSC VLE) पर स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए शिविर का आयोजन किया गया। जिला में प्रभावित चमकी बुखार प्रखंडों मुशहरी व मीनापुर व कांटी के अलग-अलग पंचायत में कैंप का आयोजन किया गया। सभी पंचायत के सीएसई वीएलई से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगो को स्वास्थ्य कार्ड दिया गया।
  • पटना से नई दिल्ली के लिए अब ट्रेन एंबुलेंस भी: बिहार के मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस की तरह अब ट्रेन एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। अभी पटना से नई दिल्ली के बीच यह सुविधा शुरू की गई है। ट्रेन एंबुलेंस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस होती है। जो मरीज ट्रेन एंबुलेंस से दिल्ली जाएंगे, उन्हें दिल्ली जंक्शन से अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा भी एजेंसी मुहैया करायेगी। पटना से यह सुविधा एयर एंबुलेंस सेवा देने वाली लाइफ लाइन एयर एंड ट्रेन एंबुलेंस (Life Line Air and Train Ambulance) एजेंसी ने शुरू की है। सीट और सपोर्ट सिस्टम लगाने के लिए रेलवे की मदद ली जाती है।
  • 2022 तक बिहार में खुलेगा स्वास्थ्य विज्ञान विवि (Health Science University): राज्य के सभी मेडिकल कॉलेज, पारा मेडिकल संस्थान, आयुर्वेदिक कॉलेज और यूनानी संस्थान इसके अधीन होंगे। स्वास्थ्य विज्ञान विवि की स्थापना के लिए विभाग के संयुक्त सचिव कौशल किशोर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। वर्तमान में  राज्य में 12 सरकारी व 5 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं।
  • रामायण सर्किट के तहत सीतामढ़ी, बक्सर व दरभंगा होंगे विकसित: केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के तहत बिहार और यूपी सहित नौ राज्यों में विकास के लिए 15 स्थानों की पहचान की है। बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, उत्तर प्रदेश के अयोध्या, नंदीग्राम, शृंगवेरपुर और चित्रकूट, मध्यप्रदेश के चित्रकूट, ओड़िशा के महेंद्रगिरी, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, महाराष्ट्र के नासिक और नागपुर, तेलंगाना के भद्राचलम, कर्नाटक के हम्पी और तमिलनाडु के रामेश्वर को स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के अंतर्गत चिह्नित किया गया है।
  • मुजफ्फरपुर के SKMCH में 62 करोड़ की लागत से तैयार होगा 100 बेडों वाला ICU।
  • बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि, मिला सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य का पुरस्कार: कृषि के क्षेत्र में व्यापक सुधार और कई तरह की योजनाएं लागू करने वाले बिहार को सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य का पुरस्कार दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने यह पुरस्कार बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार को दिया। एग्र्रीकल्चर टुडे ग्र्रुप (Agriculture Today Group) ने इस पुरस्कार की शुरुआत 2008 में की थी। कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार को यह पुरस्कार रोडमैप बनाकर कृषि का व्यापक विकास एवं राज्य सरकार के किए गए कार्यों के लिए दिया गया है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय को YouTube  की तरफ से Creativity Award, कृषि विज्ञान केंद्र सबौर को राष्ट्रीय स्तर पर 2019 का सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान का पुरस्कार तथा रोहतास को क्षेत्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान का पुरस्कार मिला है।
  • बिहार में खुला TCS केंद्र, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया उद्घाटन: बिहार में भारत की सबसे बड़ी कंपनी TCS (टाटा कंस्लटेंसी सर्विस)  केन्द्र का उद्यघाटन केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने किया। पटना में शुरु हो रहे TCS केन्द्र को कंपनी ने करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया है। इस केन्द्र में करीब 4 हजार आईटी प्रोफेशन्लस को रोजगार मिलेगा जो बिजनेस प्रोसेसिंग और सॉफ्टवेयर विकास जैसे कार्यों को यहां से कर सकेंगे।
  • UN-MPI Report/ बिहार के 38 जिलों में 11 ऐसे, जिनमें 10 में 6 लोग गरीब: संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से जारी वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Global Multi-dimensional Poverty Index) की ताजा रिपोर्ट बिहार के हुक्मरानों को थोड़ा सुकून देती है तो माथे पर चिंता की लकीरें भी उकेरती है। सुकून इस बात का कि बीते दशक में बिहार के एमपीआई में तकरीबन 50% सुधार हुआ है। चिंता इस बात की कि आज भी देश का सबसे गरीब राज्य बिहार है। बिहार के 38 जिलों में से 11 जिले ऐसे हैं जिसमें 10 में से 6 लोग गरीब हैं। यह जिले मुख्यतया उत्तर बिहार में है और अररिया व मधेपुरा में गरीबों की यह संख्या बढ़कर 10 में 7 हो जाती है। राज्यों में सबसे अधिक सुधार झारखंड में हुआ है। सुधार के मोर्चे पर झारखंड से थोड़ा ही पीछे हैं अरुणाचल प्रदेश, बिहार,छत्तीसगढ़ और नागालैंड। इसके बावजूद बिहार सर्वाधिक गरीब राज्य है जहां आधी आबादी गरीब है।
  • बिहार में 5000 डिजिटल गांव की स्थापना की जायेगी: यह घोषणा केंद्रीय कानून, सूचना प्रौद्योगिकी व संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने की। राजधानी के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में 56 करोड़ रुपये की की लागत से Software Technology Park of India (एसटीपीआई) का केंद्र स्थापित होने जा रहा है।

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