विकसित बिहार के 7 निश्चय 

राज्य सरकार द्वारा सुशासन के कार्यक्रम 2015-2020 के अंतर्गत विकसित बिहार के निर्धारित 7 निश्चय निम्न है :

  1. आर्थिक हल युवाओं को बल
  2. आरक्षित रोज़गार महिलाओं का अधिकार
  3. हर घर बिजली
  4. हर घर नल का जल
  5. घर तक पक्की गली- नालियां
  6. शौचालय निर्माण, घर का सम्मान
  7. अवसर बढ़े , आगे पढ़ें

  • निश्चय ‘आर्थिक हल, युवाओं को बल’ के तहत राज्य सरकार द्वारा बिहार की युवा पीढ़ी को आत्म निर्भर बनाने एवं शिक्षा, कौशल विकास एवं रोज़गार के अवसर प्राप्त करने एवं उन्हें सक्षम बनाने के निम्न योजनाएं/ कार्यक्रम कार्यान्वित है :

  • बिहार स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना :

इस योजना के अंतर्गत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण ऐसे विद्यार्थी जो आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित हो जाते है, को आर्थिक सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से बिहार शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से प्रत्येक इच्छुक विद्यार्थी को 4 लाख रूपये तक के शिक्षा ऋण पर गारंटी दी जा रही है |

  • मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना :

इस योजना के अंतर्गत राज्य के 20 से 25 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को रोजगार तलाशने के दौरान सहायता के तौर पर 1000 रूपये प्रतिमाह की दर से स्वयं सहायता भत्ता दो वर्षो के लिए दी जा रही है | इसके अतिरिक्त स्वयं सहायता भत्ता प्राप्त करने वाले युवाओं को भाषा (हिंदी/ अंग्रेजी) एवं संवाद कौशल, बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान एवं व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करना है |

  • कुशल युवा कार्यक्रम :

इस योजना के तहत 15 से 28 वर्ष के युवा जो मैट्रिक या समतुल्य उत्तीर्ण है, उन्हें भाषा (हिन्दी/ अंग्रेजी) एवं संवाद कौशल, बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान एवं व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है | यह प्रशिक्षण कुल 240 घंटे का हैजिसमे भाषा (हिंदी/अंग्रेजी )एवं संवाद कौशल 80 घंटे, बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान 120 घंटे एवं व्यवहार कौशल का प्रशिक्षण 40 घंटे का है |

  • बिहार स्टार्ट-अप निति, 2016 :

1 सितम्बर 2016 से राज्य में त्वरित औद्योगिक विकास के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन निति, 2016 लागू की गयी है | इस निति में निम्न प्रक्षेत्र प्राथमिकता प्रक्षेत्र में शामिल है-

खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, लघु मशीन निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रौनिक हार्डवेयर, प्लास्टिक एवं रबर, चमड़ा, स्वास्थ्य सेवायें, गैर पारंपरिक ऊर्जा, वस्त्र एवं तकनीकी शिक्षा | बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन निति, 2016 के अंतर्गत कई प्रोत्साहन देय है | राज्य में औद्योगिक निवेश को अधिक सहज बनाने के उद्देश्य से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन अधिनियम, 2016 को लागू किया गया है | इसके तहत औद्योगिक ईकाइयों से कॉमन ऐप्लिकेशन फॉर्म में ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर, आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के अन्दर राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद की स्वीकृति प्राप्त की जा रही है |

  • सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में निःशुल्क वाई-फाई :
  • परिवेश में राज्य के युवाओं को ई-गवर्नेंस से जोड़ना है | इसके लिये आवश्यक है कि इन शिक्षित यवाओं को इन्टरनेट से जोड़ा जाये, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे घटनाक्रम, बदलाव एवं विकास से अवगत हो सके | इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में निःशुल्क वाई-फाई के माध्यम से इन्टरनेट की सुविधा उपलब्ध कराना है |
  • निश्चय “आरक्षित रोज़गार, महिलाओं का अधिकार के तहत् सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की मुहीम को और आगे बढ़ाते हुए राज्य के सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है | इसका मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना है |
  • निश्चय “हर घर बिजली” के तहत बिहार के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो के प्रत्येक घर में बिजली की उपलब्धता प्रदान करना है | इस उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु राज्य में मुख्यमंत्री विद्युत् संबंध निश्चय योजना कार्यान्वित है, जिसके तहत सरकार अपने संसाधनों से ग्रामीण क्षेत्रो के सभी परिवारों को मीटर के साथ विद्युत् संबंध उपलब्ध कराई जा रही है |
  • निश्चय “हर घर नल का जल” के तहत बिहार के हर नागरिक को बगैर किसी भेद-भाव के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है | यह निश्चय राज्य के लगभग 2 करोड़ परिवारों को उनके घर में पीने का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने का भागीरथ प्रयास है , जिसे बिहार के हर मोहल्ला और गाँव के लोगों के समेकित सहयोग से पूर्ण किया जा रहा है |

इस निश्चय को पूर्ण करने हेतु राज्य सरकार द्वारा निम्न योजनाएं कार्यान्वित है

  • मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना : मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत राज्य के गैर गुणवत्ता प्रभावित 8386 ग्राम पंचायत के कुल 1,14,691 ग्रामीण वार्डो में से 4291ग्राम पंचायतो के 58,162 ग्रामीण वार्डो को शुद्ध (पीने योग्य) पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है |
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल (गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्र) निश्चय योजना :

इस योजना का कार्यान्वयन वैसे पंचायतो में कराया जा रहा है, जहाँ का जल आयरन, फ्लोराईड तथा आर्सेनिक से पूर्णतः प्रभावित है | इस योजना के तहत् 3814 फ्लोराईड प्रभावित ग्रामीण वार्ड, 5,085 आर्सेनिक प्रभावित वार्डो को एवं 21,598 फ्लोराइड प्रभावित वार्डो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है |

  • मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल (गैर गुणवत्ताप्रभावित क्षेत्र) निश्चय योजना :
  • मुख्यमंत्री शहरी पेयजल निश्चय योजना : इस योजना के तहत राज्य के सभी 143 नगर निकायों के नल-जल से अनाच्छादित परिवारों को पाईप के माध्यम से नल द्वारा स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है |

  • निश्चय “घर तक पक्की गली-नालियां” के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के क्रियान्वयन के उपरान्त, शेष बचे राज्य के सभी संपर्क-विहीन बसावटों को पक्की सड़क से जोड़ा जाना है तथा सभी गाँव एवं शहरो में गली नाली का निर्माण किया जा रहा है |

इस निश्चय को पूरा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा तीन योजनाएं कार्यान्वित है :

  • ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना :प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सभी जिलों में 500 या उससे अधिक आबादी वाले 11 जिलों में 250 या उससे अधिक आबादी वाले बसावटो को एकल बारहमासी संपर्कता प्रदान की जा रही है | शेष सभी जिलो के लिए 500 से कम परन्तु 250 से अधिक आबादीवाले बसावटो को संपर्कता प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना संचालित की गयी है | इस योजना के तहत 13786 संपर्कविहीन बसावटो की पहचान की गयी है | जिसे सम्पर्कता प्रदान करने का कार्य कार्यान्वित है |
  • मुख्यमंत्री ग्रामीण गली-नाली निश्चय योजना : इस योजना के तहत राज्य के 8386 ग्राम पंचायत के 1,14,691 ग्रामीण वार्डो में मौसम संपर्क एवं जल निकासी की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है | इस योजना का कार्यान्वयन पंचायती राज विभाग द्वारा किया जा रहा है |
  • मुख्यमंत्री शहरी नाली-गली निश्चय योजना : इस योजना के तहत राज्य के 143 शहरी स्थानीय निकायों के 3386 शहरी वार्डो को मौसम संपर्क एवं जल निकासी की सुविधा प्रदान की जा रही है | इस योजनाका कार्यान्वयन नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा रहा है |
  • निश्चय “शौचालय निर्माण, घर का सम्मान” : इस निश्चय के अंतर्गत खुले में शौच से मुक्त, स्वस्थ एवं स्वच्छ बिहार के लिए राज्य के प्रत्येक घर में बगैर किसी भेद भाव के शौचालय की व्यवस्था की जा रही है | राज्य के लगभग 1.68 करोड़ शौचालय विहीन परिवारों को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करने हेतु कार्य किया जा रहा है | इस निश्चय को लागू करने हेतु ग्रामीण क्षेत्रो में ग्रामीण विकास विभाग एवं शहरी क्षेत्रो में नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ के तहत योजना कार्यान्वित की जा रही है |
  • निश्चय “अवसर बढ़े, आगे पढ़ें” के तहत राज्य में तकनीकी शिक्षा के अवसरों को और बढ़ाने एवं युवाओं को राज्य में ही तकनीकी शिक्षा का बेहतर अवसर प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित है | इस निश्चय को पूर्ण करने हेतु जिला एवं अनुमंडल में उच्च व्यवसायिक एवं तकनीकी शिक्षा की समेकित व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत निम्नांकित संस्थानों की स्थापना का कार्य कार्यान्वित है |
    • प्रत्येक जिला में जी०एन०एम० स्कूल की स्थापना
    • प्रत्येक जिला में पैरा-मेडिकल संस्थान की स्थापना
    • प्रत्येक जिला में पॉलिटेकनिक संस्थान की स्थापना
    • प्रत्येक जिला में महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना
    • प्रत्येक जिला में अभियंत्रण महाविद्यालय की स्थापना
    • सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना
    • प्रत्येक अनुमण्डल में ए०एन०एम० स्कूल की स्थापना
    • प्रत्येक अनुमंडल में सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना
    • राज्य में पांच और नये कॉलेज की स्थापना

बिहार विकास मिशन के अंतर्गत निश्चय के योजनाओं के अनुश्रवण हेतु सात उप मिशन कार्यान्वित है | ये उप-मिशन है :

  1. युवा उप-मिशन
  2. पेयजल, स्वच्छता, ग्राम एवं नगर विकास उप-मिशन
  3. मानव विकास उप-मिशन
  4. कृषि उप-मिशन
  5. उद्योग एवं व्यवसाय उप-मिशन
  6. आधारभूत संरचना उप-मिशन
  7. लोक संवाद एवं ब्राण्ड बिहार उप-मिशन

सरकार द्वारा लिए गए सभी सात निश्चय की रूप रेखा इस प्रकार तैयार की गयी है कि इसके अंतर्गत कार्यान्वित योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों को सामान रूप से तथा बगैर किसी भेद भाव के प्राप्त हो सके |

Advertisements